CCLE
सीसीएलई गतिविधियाँ:-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों के लिए 21वीं शताब्दी के कौषल अर्जित करने हेतु जोर दिया गया है इस हेतु मध्यप्रदेष के समस्त शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में सीसीएलई कार्यक्रम वस्तुतः मध्यप्रदेष में सीसीई को सीसीएलई अर्थात् सतत् और व्यापक अधिगम एवं मूल्यांकन कार्यक्रम के रूप में संचालित किया गया।
सीसीएलई गतिविधियों के अंतर्गत प्रति सप्ताह होने वाली लेखन कौशल,वक्तव्य कौशल, प्रश्नोत्तरी कौशल, दृश्य एवं प्रदर्शन कला संबंधित व्यक्तिगत एवं सदन आधारित गतिविधियाँ एवं प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को कौशल विकास में मदद करती हैं। चूकि सारी गतिविधियाँ पाठ्यक्रम एवं पाठ्य पुस्तकों पर ही आधारित है इससे विद्यार्थियों का अधिगम स्तर बढ़ता है, साथ ही साथ उन में सामूहिक रूप से समस्या समाधान करने रचनात्मक नवाचार हेतु भी अवसर, सुविधा एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराता है। इससे शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों ही एक आनंदपूर्ण वातावरण में शिक्षण गतिविधियों में भाग लेते हैं। समूह के रूप में की गयी क्रियाएँ राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रकाशित न्यूनतम अधिगम स्तर में वर्णित सुनने, बोलने, पढ़ने एवं लिखने की योग्यताएँ इन पाठय सहगामी गतिविधियों से प्राप्त होती है।
विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की पाठ्य सहगामी गतिविधियों में विद्यालय के विद्यार्थियों की सहभागिता हेतु सीसीएलई के माध्यम से पूरे वर्ष भर विभिन्न सह शैक्षिक एवं सह पाठयक्रम कार्यकलापों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रदेश के समस्त हाई सेकेंडरी एवं हाई स्कूलों में सीसीएलई आधारित बाल सभा प्रत्येक शनिवार को प्रथम तीन कालखंड में संचालित किये जा रहे है। कक्षा 9वीं एवं 10वीं हेतु आंतरिक मूल्यांकन का अधिकार भी सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2024-25 में सीसीएलई गतिविधियों की राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग हेतु विमर्श पोर्टल पर मॉड्यूल निर्माण किया गया है। राज्य स्तर पर गतिविधियों का ऑनलाइन अवलोकन किया गया।