STARS
स्ट्रेन्थनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स परियोजना STARS प्रदेश में स्ट्रेन्थनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स (STARS) परियोजना का क्रियान्वयन वर्ष 2020-21 से किया जा रहा है। स्टार्स परियोजना भारत सरकार की वर्ल्ड बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त परियोजना है। स्टार्स परियोजना के पाँच घटक हैं जिनका विवरण निम्नानुसार हैः
- प्रारंभिक वर्षों की शिक्षा का सुदृढ़ीकरण
- सीखने के आकलन की प्रणाली (लर्निंग असेस्मेंट सिस्टम) में सुधार
- शिक्षक प्रदर्शन और क्लासरूम प्रैक्टिस में सुधार
- सर्विस डिलीवरी का सुदृढ़ीकरण
- व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण
स्टार्स परियोजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 में निम्नानुसार गतिविधियाँ संचालित की गई हैं:
- प्रारम्भिक वर्षों की शिक्षा का सुदृढीकरण
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रशिक्षण सामग्री का विकासः प्रदेश की 38,854 चयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का अर्ली चाइल्डहुड एज्यूकेशन विषय पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण हेतु मॉड्यूल विकसित किया गया।
- स्टेट असेस्मेंट सेल की क्षमता वर्धन हेतु त्च् िके माध्यम से सेंटर फॉर साइन्स ऑफ स्टूडेंट लर्निंग (STARS) का चयन किया जाकर कार्य प्रारम्भ किया गया।
- स्कूल सर्टिफिकेशन कार्यक्रम हेतु थर्ड पार्टी असेस्मेंट के लिए विशेषज्ञ एजेंसी के रूप में चयनित ऑस्ट्रेलियन काउंसिल फॉर एडुकेशनल रिसर्च (STARS) द्वारा कार्य प्रारम्भ किया गया।
- स्टार्स परियोजना अंतर्गत मध्यप्रदेश के समस्त जनशिक्षकों, विकासखंड अकादमिक समन्वयकों, विकासखंड स्रोत समन्वयकों, सहायक परियोजना समन्वयकों एवं जिला परियोजना समन्वयकों को प्रदाय टैबलेट्स के बेहतर उपयोग हेतु राज्य स्तर पर चार चरणों में 312 मास्टर ट्रेनर्स का डिजिटल कैपिसिटी बिलिं्डग पर दिनांक 09 से 21 दिसंबर 2024 तक प्रशिक्षण आयोजित किया गया ।
- शिक्षक प्रदर्शन और क्लासरूम प्रैक्टिस में सुधार
- लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम फॉर अपर प्राइमरी एंड सेकेन्ड्री ग्रेड्स के इम्पैक्ट असेसमेंट के उद्देश्य से थर्ड पार्टी असेसमेंट हेतु कंविजिनियस इनसाईट प्राइवेट लिमिटेड का त्च् िके माध्यम से चयन कर कार्य प्रारम्भ किया गया।
- सपोर्ट फॉर टीचर परफोर्मेंस हेतु मध्यप्रदेश के 75598 माध्यमिक शिक्षकों को टैबलेट्स प्रदाय करने की योजना के तहत 20400 शिक्षकों द्वारा टैबलेट्स का क्रय किया गया है एवं शेष शिक्षकों द्वारा टैबलेट्स क्रय की कार्यवाही की जा रही है।
- टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट हेतु मुंगालिया छाप में 10 एकड़ भूमि का आवंटन कर पर्यावरण नियोजन एवं समन्वयक संगठन द्वारा आर्किटेक्ट के चयन की प्रक्रिया की जा रही है। टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भवन निर्माण हेतु बिलिं्डग डेवलपमेंट कारपोरेशन (ठक्ब्) को अधिकृत किया गया।
- 89 ट्राइबल ब्लॉक्स की 22,600 प्राथमिक शालाओं हेतु मल्टीलिंग्वल स्टोरी बुक्स तैयार की गईं।
- सर्विस डिलीवरी का सुदृढ़ीकरण
- राज्य स्तर पर विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना की जाकर मॉनिटरिंग हेतु डेश बोर्ड्स तथा चैट बोट्स का विकास किया गया।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट इंदौर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रायपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइसेंस मुंबई, तथा अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी बैंगलोर द्वारा 151 प्राचार्यों एवं 276 हेडमास्टर्स को स्कूल मैनेजमेंट और लीडरशिप पर सीमेट के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
- भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा स्टार्स परियोजना क्रियान्वित करने वाले 6 राज्यों तथा देष के अन्य 12 पेयर्ड राज्यों के बीच नॉलेज शेयरिंग एण्ड क्रॉस लर्निंग हेतु भोपाल मध्यप्रदेष में 30 सितंबर से 01 अक्टूबर 2024 तक ‘स्कूल टु वर्क ट्रांजिषन एण्ड स्टेªन्ग्थनिंग असेसमेंट सिस्टम‘ पर दो दिवसीय नेषनल वर्कषॉप आयोजित की गई।
- व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण
- स्टार्स परियोजना अन्तर्गत प्रदेष के 52 जिलों में इंटीग्रेटेड रोबोटिक्स लैब (प्रत्येक जिले में एक लैब) स्थापित की गई। इसके अतिरिक्त 3 दिवसीय षिक्षक प्रषिक्षण भी किया गया, जिसमें 260 षिक्षक प्रषिक्षित हुए। विद्यालयों में प्रषिक्षित शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को प्रषिक्षण दिया जा रहा है।
- स्टार्स परियोजना अन्तर्गत 119 लैब्स, जिसमें 67 आईटी एवं 52 नॉन आईटी लैब की स्थापना की गई है।
- राज्य के 1942 स्कूलों में जुलाई माह में स्कूल स्तरीय प्रदर्षनी का आयोजन किया गया, स्कूल स्तर पर बच्चों ने ट्रेड से संबंधित कौषल मॉडल, चार्ट तथा लघु नाटिका का प्रदर्षन किया।
- जिला स्तरीय कौषल प्रदर्षनी का आयोजन सितम्बर माह में किया गया। स्कूल स्तरीय प्रदर्षनी में चयनित विद्यार्थियों के द्वारा प्रत्येक जिले में कौषल मॉडल, चार्ट तथा लघु नाटिका का प्रदर्षन किया गया। इसमें 20,000 छात्रों ने भाग लिया।
- 22 नवम्बर 2024 को राज्य स्तरीय कौषल प्रदर्षनी का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न जिले के चुने हुए प्रतिभागियों के द्वारा विषिष्ट कौषल का प्रदर्षन, नवाचार और कई प्रोटोटाइप विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुत किए गए। प्रदर्षनी में 10 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया एवं सभी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
- राज्य स्तरीय कौषल प्रदर्षनी में सम्मिलित समस्त विद्यार्थियों एवं व्यावसायिक शिक्षा में प्रत्येक टेªड में कक्षा 10वीं की मेरिट में प्रथम 03 स्थान प्राप्त किए प्रतिभागियों को 20-26 दिसम्बर को 5 दिवसीय स्किल एक्सपोज़र विजिट के तहत अहमदाबाद और वहां पर स्थित उद्योगों का भ्रमण कराया गया।
- स्किल हब के लिए पाँच जिले क्रमषः भोपाल, ग्वालियर, इन्दौर, रीवा एवं जबलपुर में एक-एक विद्यालयों का चयन किया जाकर राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा जिले में उपलब्ध उद्योगों (सेक्टर) का भ्रमण कर जिले में मानव संसाधन की मांग अनुसार टेªड का चयन किया गया। स्किल हब केन्द्रों में चयनित टेªड हेतु पाठ्यक्रम निर्माण एवं उपकरण के स्पेसिफिकेषन तय करने हेतु समिति का गठन किया गया जिसमें पण्डित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, मेगा आई.टी.आई, भोपाल एवं ग्लोबल स्किल पार्क, भोपाल के सदस्य शामिल हैं। लैब स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।